भारत के न्यायालय में 2.8 करोड़ केस अभी भी अनिर्णीत.

November 13, 2019 - Hetu

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भारतीय न्याय कार्यवाही सुस्त और अस्थायी है जो कई लोगों को न्याय देने में देरी करता है. जिसमे 27 राज्यों और केन्द्रशासित प्रदेश को लेकर तक़रीबन 2.8 करोड़ केस अभी अनिर्णीत है जिसमें से एक तिहाई केस पिछले 5 साल से अनिर्णीत है. बीते 5 सालों में बिहार, उत्तर प्रदेश, प.बंगाल, उड़ीसा, गुजरात, मेघालय और अंदमान निकोबार के न्यायालयों में हर चार केस में से एक केस अनिर्णीत है इंडियन जस्टिस रिपोर्ट 2019 के तहत 2.3 लाख केस एक दशक के विलंबित है. यह केस विलंबित होने के कई सारे कारण है जिसमे लम्बी न्याय प्रक्रिया, तीव्रता से बढ़ती आबादी और कम बजेट ज़िम्मेदार है.

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