करुणानिधि के बेटे अलागिरी ने कहा- मैं स्टालिन का नेतृत्व स्वीकार कर द्रमुक में वापसी को तैयार हूं

August 30, 2018 - Anchal Chaturvedi

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 एमके स्टालिन को द्रमुक का अध्यक्ष चुने जाने के दो दिन बाद पार्टी से बर्खास्त और उनके बड़े भाई एमके अलागिरी के तेवर नरम पड़ते दिख रहे हैं। उन्होंने गुरुवार को कहा, ” मैं उनका (स्टालिन) नेतृत्व स्वीकार कर पार्टी में वापसी को तैयार हूं, लेकिन उन्हें यह मंजूर नहीं है।” अलागिरी को चार साल पहले पार्टी से बर्खास्त कर दिया गया था। तब से वे लगातार स्टालिन के खिलाफ बयानबाजी करते रहे। स्टालिन और अलागिरी दोनों ही पूर्व मुख्यमंत्री एम करुणानिधि की पहली पत्नी दयालु के बेटे हैं।

करुणानिधि के निधन के कुछ दिन बाद अलागिरी खुलकर स्टालिन के विरोध में आ गए थे। तब उन्होंने कहा था, ‘मेरे पिता के प्रति निष्ठा रखने वाले पार्टी के सभी लोग मेरे साथ हैं। तमिलनाडु की जनता और द्रमुक का पूरा कैडर भी मेरे साथ है। इसलिए अब आने वाला वक्त जवाब देगा।’’करुणानिधि का 7 अगस्त को चेन्नई के कावेरी अस्पताल में निधन हो गया था।

2014 में द्रमुक से निष्कासित किए गए थे अलागिरी : 67 साल के अलागिरी को मार्च 2014 में करुणानिधि ने ही द्रमुक से निष्कासित कर दिया था। उन पर पार्टी विरोधी गतिविधियां चलाने और वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ बयानबाजी करने का आरोप था। पार्टी से निष्कासन पर अलागिरी ने कहा था कि करुणानिधि उनके और स्टालिन के बीच भेदभाव करते हैं। करुणानिधि ने स्टालिन को 2014 में ही अपना उत्तराधिकारी घोषित कर दिया था और जनवरी 2017 में कार्यकारी अध्यक्ष बना दिया था।

स्टालिन पार्टी के दूसरे अध्यक्ष: 65 साल के एमके स्टालिन को 28 अगस्त को पार्टी की महापरिषद की बैठक में द्रमुक का निर्विरोध अध्यक्ष चुना गया। करुणानिधि के बाद स्टालिन पार्टी के दूसरे अध्यक्ष हैं। करुणानिधि 1969 से द्रमुक के प्रमुख थे। इसके अलावा, वरिष्ठ नेता और पार्टी के प्रधान सचिव दुरईमुरुगन को पार्टी का नया कोषाध्यक्ष चुना गया।

Anchal Chaturvedi

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